हालांकि, विद्यालय बंद रहने के बावजूद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। उन्हें आधार, डीबीटी, यू-डायस समेत अन्य विभागीय कार्यों का संपादन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
वहीं, जिले के कई स्कूलों में प्रशासन की ओर से राहत शिविर भी बनाए गए हैं। बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों को जरूरत पड़ने पर इन शिविरों में ठहराने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। स्कूलों को राहत कार्यों के लिए उपयोग किए जाने के कारण भी बच्चों की कक्षाएं संचालित करना मुश्किल है।
जिला प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से भी अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। स्कूलों में अवकाश का निर्णय भी इसी एहतियाती व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है।