यूपी के सोनभद्र में शिक्षकों को स्कूल आवंटन में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। आरोप है कि डायट और बीएसए कार्यालय में स्कूलों का आवंटन किया जाना चाहिए लेकिन नियमों को दरकिनार कर बीएसए कार्यालय के एक बाबू के आवास पर 993 शिक्षकों के स्कूल आवंटन की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया।
सोनभद्र के सदर विधायक भूपेश चौबे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की शिकायत की। शासन ने कमिश्नर मुरली मनोहर लाल को जांच सौंपी। कमिश्नर ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
विधायक भूपेश चौबे ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर कहा कि सोनभद्र में चार सितंबर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काउंसलिंग के तहत जिले में रिक्त कुल 1049 अभ्यर्थियों की सूची आई। काउंसलिंग में 1003 अभ्यर्थी आए और इसमें से 993 सफल हुए।
इन शिक्षकों को प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने के लिए नियुक्ति पत्र देने एवं स्कूलों के आवंटन में मनमानी की गई। सूची बनाने का काम डायट और बीएसए कार्यालय में न कराकर कथित तौर पर बीएसए कार्यालय के एक बाबू के घर किया गया।