सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर
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सपा मुखिया अखिलेश यादव से दूरी के बाद बसपा से गठबंधन की इच्छा जताने वाली सुभासपा के सुर एक बार फिर बदल गए हैं। सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता और ओमप्रकाश राजभर के पुत्र अरुण राजभर ने कहा कि बसपा से कोई संपर्क नहीं है और न ही उनसे गठबंधन को लेकर कोई बातचीत हुई है।
दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग बसपा मुखिया मायावती के नाम पर अपनी दुकान चलाना चाहते हैं। ऐसे स्वार्थी लोगों से सावधान रहना चाहिए। चूंकि सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ने बसपा से गठबंधन की इच्छा जताई थी। ऐसे में इस ट्वीट को सुभासपा से जोड़कर देखा जा रहा है।
उधर, सुभासपा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता अरुण राजभर ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि उनका जो कहना है, वह उनकी अपनी राय है। हमने सिर्फ अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बात की है। हम न तो बसपा के पास गए हैं और न ही उसके नेतृत्व से कोई बात की है। उन्होंने कहा कि सियासत में सब कुछ अनिश्चित है और राजनीतिक समीकरण बदलते रहते हैं। उन्हीं के मुताबिक फैसला लिया जाता है। ओपी राजभर ने भी अपने बेटे के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि हमारा पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने पर है। संगठन का विस्तार किया जा रहा है। बस्ती में बुधवार को बैठक होनी है। इसमें कई बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। प्रदेश भर में पार्टी गांव चलो समाज जोड़ों अभियान 27 से चलाएगी। भाजपा से बढ़ती नजदीकियों को देखते हुए अटकलें लगाई जा रही है कि ओपी राजभर के बेटे को भाजपा विधान परिषद भेजेगी। इस सवाल पर अरुण ने कहा कि यह सब अफवाह है।