यातायात पुलिस के लिए चुनौती गिरजाघर पर निर्माणाधीन रोपवे स्टेशन है। खास तौर पर रविवार से लेकर सोमवार के दिन गिरजाघर से जुड़े सभी मार्गों पर संचालित वाहनों को रोका जाएगा। शहर के अंदर लहुराबीर-चेतगंज-नई सड़क से गिरजाघर और गुरुबाग से लक्सा, रामापुर की तरफ सिर्फ पैदल ही आवाजाही होगी।
मैदागिन-गोदौलिया मार्ग नो व्हीकल जोन होगा। सिर्फ पैदल ही आवाजाही होगी। सोनारपुरा से जंगमबाड़ी तक किसी भी प्रकार के वाहन आवाजाही नहीं करेंगे। सिगरा स्थित सिटी कमांड सेंटर से बाबा विश्वनाथ धाम को जोड़ने वाले हर रूटों की निगरानी होगी।
सादे वेश में पैनी नजर रखेंगे 15 सेक्टर में पुलिसकर्मी
सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर अत्यधिक भीड़ की संभावना पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए प्रभावी भीड़ प्रबंधन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा और आवश्यक स्थानों पर सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग व खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे बिछड़े श्रद्धालुओं को सहायता व परिजनों से मिलाने की व्यवस्था हो। पांच जोन और 15 सेक्टर में विभाजित शहर में सादे वस्त्रों में पुलिस की तैनाती होगी। हर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर होगी।
सीसीटीवी और त्रिनेत्र से होगी पूरे शहर की हाईटेक निगरानी
शहर का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र सीसीटीवी कैमरों से लैस है। सावन महीने में त्रिनेत्र प्रणाली के माध्यम से प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थलों व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र की निगरानी स्थापित कंट्रोल रूम से की जाएगी। रेलवे स्टेशनों पर भी सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित कर श्रद्धालुओं की आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
गहरे पानी से सुरक्षा के लिए होगी ‘डीप वाटर बैरिकेडिंग’
गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालु गहरे पानी में न जाएं, इसके लिए गंगा घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी। जल पुलिस व सुरक्षा कर्मी लगातार सतर्क रहकर सुरक्षित स्नान कराएंगे। गंगा घाटों पर जल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। प्रमुख गंगा घाटों पर बाढ़ राहत पुलिस, स्थानीय जल पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। प्रशिक्षित निजी गोताखोरों की तैनाती कर तुरंत बचाव व्यवस्था की जाएगी।
प्रयागराज से मोहनसराय तक कांवड़ यात्रियों के लिए रिजर्व रहेगी लेन
कांवड़ यात्रियों के सुगम व सुरक्षित आवागमन के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन आरक्षित रखी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में असुविधा न हो और कांवड़ यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो। कांवड़ मार्ग पर पुलिस बूथ, विश्राम स्थल व चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था होगी।
चार किलोमीटर पर पीआरवी व फैंटम टीम मुस्तैद रहेगी। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे का संचालन न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप होगा। डीजे की ऊंचाई एवं स्वरूप ऐसा नहीं होगा, जिससे दुर्घटना अथवा सुरक्षा संबंधी जोखिम हो।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सुगम आवागमन प्राथमिकता में है। सभी अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था समेत हर बिंदुओं पर तैयारियां की जा रही है। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 37 प्रमुख पार्किंग स्थल
दो-पहिया, चार-पहिया व भारी बसों के लिए अलग-अलग क्षमता वाले पार्किंग स्थलों को रिजर्व किया गया है। रोहनिया, मंडुवाडीह, लक्सा, कैंट, भेलूपुर, लंका, चौक, दशाश्वमेध और आदमपुर आदि थाना क्षेत्रों में पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इसमें वीआईपी व प्रशासनिक पार्किंग भी शामिल है।
वीआईपी व प्रशासनिक पार्किंग : हरिश्चन्द्र डिग्री कॉलेज के सामने मैदान में वीआईपी और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन खड़े होंगे।
मल्टीलेवल पार्किंग : गोदौलिया में आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग चालू रहेगा। ताकि मुख्य मंदिर मार्ग पर जाम न लगे।
बसों व भारी वाहनों के लिए बड़े ग्राउंड : जगतपुर इंटर कॉलेज, ट्रांसपोर्ट नगर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, और एनईआर रेलवे का खाली मैदान (लहरतारा) जैसे बड़े मैदानों में बसों और कार के ठहराव की व्यवस्था की गई है।