गंगा तट से लेकर श्रीकाशी विश्वनाथ का धाम डमरुओं की गड़गड़ाहट और शंखनाद से गूंज उठा। सावन के तीसरे सोमवार को विश्वनाथ गली के व्यापारियों ने बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की परंपरा निभाई। व्यापारियों ने काशीपुराधिपति का 84 गंगा के घाट और 12 कूपों के जल से अभिषेक किया। शोभायात्रा के पूर्व में महर्षि वेद विज्ञान पीठम के 11 बटुकों ने काशी के 84 गंगा घाटों के साथ 12 पौराणिक कूप के जल से पूरित कलशों का पूजन किया। जलाभिषेक यात्रा के मुख्य अतिथि विधायक डाॅ. नीलकंठ तिवारी रहे।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा शहर के शिवालयों में भी सोमवार को जलाभिषेक के लिए कतार लगी रही। सारंगनाथ महादेव से लेकर शूलटंकेश्वर महादेव तक सुबह से देर रात तक दर्शन पूजन और अभिषेक का सिलसिला चलता रहा। त्रिलोचन महादेव, कामेश्वर महादेव, जागेश्वर महादेव, गौरीकेदारेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर, मृत्युंजय महादेव, बैजनाथ महादेव, ओंकारेश्वर महादेव मंदिर सहित बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की लंबी कतार नजर आई।