सावन के पहले सोमवार के लिए श्री काशी विश्वनाथ धाम सजकर तैयार है। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि करीब आठ लाख श्रद्धालु आएंगे। 2022 और 2023 में भी सावन के पहले सोमवार को आठ से दस लाख श्रद्धालु आए थे। सावन के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा का शृंगार होगा।
बाबा धाम में रेड कार्पेट पर फूल बरसाकर श्रद्धालु और कांवड़ियों का स्वागत होगा। धाम की सीसीटीवी से निगरानी होगी। जिग जैग बैरिकेडिंग से होकर बाबा का जलाभिषेक करेंगे। छह द्वार से श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा। रविवार शाम से ही कांवड़ियों के कदम बाबा धाम की ओर चल पड़े थे। बोल-बम का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालुओं की टोली धाम में पहुंच रही है।
जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु शाम से ही बैरिकेडिंग में कतारबद्ध हो गए। रात आठ बजे तक श्रद्धालुओं की कतार धीरे-धीरे लंबी होती गई। मंगला आरती के बाद धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि श्रावण मास के पहले सोमवार को महादेव की चल प्रतिमा का शृंगार किया गया है।
भक्त बाबा के इस विशेष स्वरूप का दर्शन कर पाएंगे। बारिश, धूप और गर्मी से बचाव के लिए जर्मन हैंगर, अतिरिक्त शेड लगाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए धाम में समय-समय पर ग्लूकोज, ओआरएस घोल का वितरण किया जाएगा।