सावन के प्रत्येक सोमवार को जिले के प्रमुख शिवालयों में 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। महीने भर चलने वाले सावन मेले के मद्देनजर पूर्व की घटनाओं को देखते हुए जोन के वाराणसी, आजमगढ़ और मऊ जिले को अति संवेदनशील माना गया है।
जबकि जौनपुर, गाजीपुर और भदोही संवेदनशील जिलों की श्रेणी में हैं। मिर्जापुर, सोनभद्र, बलिया और चंदौली सामान्य जिलों की श्रेणी में हैं। अति संवेदनशील और संवेदनशील जिलों में पुलिस-पीएसी के साथ ही सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की जाएगी।
जिले के नौ शिवालयों में सावन भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में डेढ़ से दो लाख, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में एक से डेढ़ लाख, मृत्युंजय महादेव मंदिर में एक लाख, केदारेश्वर मंदिर में डेढ़ लाख, तिलभांडेश्वर मंदिर में एक लाख, ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में एक लाख, मार्कंडेय महादेव मंदिर कैथी में डेढ़ लाख, रामेश्वर महादेव मंदिर में एक लाख और शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
कांवरियों के आगमन के मद्देनजर नौ जुलाई से सावन खत्म होने तक एनएच दो की एक लेन (इलाहाबाद से वाराणसी आने वाले मार्ग) पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।