अल्लोपुर में उमाकांत तिवारी के प्रस्तावित संत्संग के लिए जुटे अनुयायी।
जय गुरुदेव के अनुयायियों का दूसरा धड़ा प्रशासन के गले की फांस बन गया है। बाबा उमाकांत तिवारी की अगुवाई वाले जय गुरुदेव के अनुयायी चोलापुर के अल्लोपुर गांव में 23 अक्तूबर को सत्संग करने जा रहे हैं लेकिन राजघाट पुल पर हुई भगदड़ में 25 लोगों की मौत के बाद प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। सोमवार को प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति निरस्त कर प्रस्तावित सत्संग पर रोक लगा दी लेकिन उमाकांत के अनुयायी वहीं पर सत्संग की तैयारी में जुटे हैं। सत्संग को लेकर बैनर के साथ अनुयायियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। जगह-जगह बैनर, पोस्टर लगा दिए गए हैं। भंडारे चल रहे हैं। इससे बाबा के अनुयायियों और प्रशासन के बीच टकराव के आसार बढ़ गए हैं।
दूसरे धड़े की ओर से अल्लोपुर में सत्संग की तैयारी की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद सोमवार को प्रशासन के कान खड़े हो गए। एलआईयू के डिप्टी एसपी भंवर सिंह पुंडीर, इंस्पेक्टर हर्षमणि त्रिपाठी, एसआई राम आशीष यादव, अशरफ अली दोपहर 12 बजे प्रस्तावित सत्संग स्थल का जायजा लेने पहुंचे। आयोजन की तैयारियों की जिम्मेदारी संभाल रहे बाबा उमाकांत के शिष्य गोपाल दीक्षित से एलआईयू के अधिकारियों ने वार्ता की। अफसरों को उन्होंने बताया कि सत्संग में चार हजार से अधिक भक्तों की भीड़ नहीं आएगी। इसी आधार पर सात सितंबर को एसडीएम सदर आर्यका अखौरी से अनुमति ली गई है।
इसी बीच सीओ पिंडरा एपी सिंह ने बताया कि आयोजन को सुरक्षा के मद्देनजर रोक दिया गया है। गोपाल को उन्होंने फोन पर सत्संग की अनुमति रद्द किए जाने की सूचना दी। इस पर गोपाल का कहना था कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी पंकज बाबा का सत्संग निरस्त नहीं किया गया जबकि उनकी पैदल यात्रा शहर के बीच से निकलनी थी। किसी को असुविधा न हो इसीलिए इस सत्संग का आयोजन शहर से 10 किलोमीटर दूर किया जा रहा है।