वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ परिसर को कराया गया खाली
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बचपन से रह रहे थे। पुलिस फोर्स ने सुबह ही दरवाजा खटखटाया और फरमान सुना दिया कि आवास दो घंटे में खाली करिए। अन्यथा सामान जब्त कर लिया जाएगा। जबरन सामान निकलवाया गया। यह ज्यादती है। -उज्जवल पांडेय
इस बारिश में लोग कहां जाएंगे। सुबह छह बजे ही परिसर में पुलिस का जमावड़ा लग गया। भवन व परिसर को खाली कराना शुरू कर दिया। किताबें हटाई गईं। सर्व सेवा प्रकाशन की पांच लाख से अधिक पुस्तकें हैं। सब कुछ हटाने को कहा गया। कोई राहत नहीं दी गई। 28 जुलाई काे जिला कोर्ट में सुनवाई होनी है, इसे नजरअंदाज कर दिया गया। यह विचारों पर हमला है। - मोहम्मद आरिफ, लोकसेवक
परिसर में पैदल चलना सीखा है। 1960 से 1980 तक तक यहां रहा। बहुत सी यादें जुड़ी हैं। शासन, प्रशासन का यह फैसला बिल्कुल गलत है। यह विनोबा भावे, जेपी-गांधी की विरासत पर हमला है। बुलडोजर चलाने की तैयारी है।- अफलातून देसाई, गांधीवादी