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Varanasi News: मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के साथ देश का पहला बौद्ध तीर्थ बना सारनाथ

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वाराणसी। भगवान बुद्ध की प्रथम धर्मदेशना स्थली सारनाथ देश का पहला प्रमुख बौद्ध तीर्थ बन गया है, जो सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग चारों परिवहन माध्यमों से जुड़ा है। बीते शनिवार को यूनेस्को ने सारनाथ को विश्व धरोहर का दर्जा दिया। इसके बाद सारनाथ की वैश्विक पहचान और अधिक मजबूत हुई है।
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सारनाथ तक पहुंचने के लिए पर्यटकों के पास अब चारों प्रकार की परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर है, जहां से देश-विदेश के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। सारनाथ का अपना रेलवे स्टेशन है, जबकि वाराणसी जंक्शन और बनारस रेलवे स्टेशन भी यहां से अधिक दूरी पर नहीं हैं। सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर की प्रमुख सड़कों के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।
वहीं, गंगा पर विकसित राष्ट्रीय जलमार्ग-1 की सुविधा से भी सारनाथ का जुड़ाव हो गया है। वाराणसी आने वाले पर्यटक जलमार्ग से शहर तक पहुंच सकते हैं और वहां से कुछ ही मिनटों में सारनाथ पहुंच सकते हैं। चारों परिवहन माध्यमों से जुड़ने के बाद सारनाथ देश का पहला प्रमुख बौद्ध तीर्थ बन गया है, जहां मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
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पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
चारों परिवहन माध्यम उपलब्ध होने से विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। श्रीलंका, थाईलैंड, जापान, म्यांमार, वियतनाम और दक्षिण कोरिया जैसे बौद्ध देशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह बड़ी सुविधा साबित होगी। उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर विदेशी पर्यटकों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जिसमें सारनाथ प्रमुख केंद्रों में शामिल है।
हर साल आते हैं करीब 65 हजार विदेशी सैलानी, अब और बढ़ेंगे
सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के बाद यहां की वैश्विक पहचान और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सारनाथ में हर वर्ष औसतन करीब 65 हजार विदेशी सैलानी विभिन्न देशों से आते हैं। इनमें सबसे अधिक पर्यटक जापान, श्रीलंका, दक्षिण कोरिया, कंबोडिया, थाईलैंड, म्यांमार और भूटान से पहुंचते हैं। हालांकि, पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक पर्यटक जापान, श्रीलंका और दक्षिण कोरिया से आए हैं।
वर्जन
चारों परिवहन माध्यमों की सुविधा सारनाथ आने वाले पर्यटकों के लिए उपलब्ध है। यह मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा है। यूनेस्को का विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद पर्यटन विभाग यहां पर्यटक सुविधाओं, सूचना केंद्रों, साइनेज और अन्य आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। – जयवीर सिंह, पर्यटन मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार
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