जेन-जी के लिए युवा संवाद
संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि संस्कृति संसद में सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति, सामाजिक बदलाव और आधुनिकता के विभिन्न पहलुओं पर विमर्श होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा। जेन-जी के लिए युवा संवाद आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता और बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता के जरिये संस्कृति के आध्यात्मिक, बौद्धिक, सामाजिक और कलात्मक आयामों को सामने लाया जाएगा।
चार नवंबर को संत समिति, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, श्री काशी विद्वत परिषद और विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक भी होगी। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
90 फीसदी युवा वक्ता, 10 फीसदी विशेषज्ञ
संस्कृति संसद में प्रतिदिन सुबह 10 से शाम चार बजे तक संत, विद्वान, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर विचार रखेंगे। तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित पैनल चर्चा होगी। प्रश्नोत्तरी का सत्र भी होगा। इसकी प्रस्तावित संरचना में करीब 90 प्रतिशत युवा वक्ता और 10 प्रतिशत विशेषज्ञ शामिल होंगे। शाम पांच से रात नौ बजे तक संस्कृति उत्सव में युवा कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियां होंगी।
सार्वजनिक होगी हिंदू आचार संहिता
स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि संस्कृति संसद में हिंदू आचार संहिता सार्वजनिक की जाएगी। मनुस्मृति के अध्ययन के लिए समिति गठित करने की घोषणा होगी। इसके अलावा मंदिर मुक्ति के लिए खाका तैयार करने और देश के विभिन्न हिंदू संगठनों की बैठक में मौजूदा परिस्थितियों पर चर्चा करने की योजना है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, कुबेराचार्य अविचलदेवाचार्य, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, रामानंदाचार्य राजराजेश्वराचार्य, स्वामी रामदेव, चिदानंद सरस्वती, पद्मश्री स्वामी प्रदीप्तानंद कार्तिक और स्वामी ब्रह्मेशानंदाचार्य सहित अनेक संत एवं धर्माचार्य भी अपने विचार रखेंगे।
ये भी रहेंगे मौजूद
संस्कृति संसद में पश्चिम बंगाल से सांसद काकोली घोष, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, पत्रकार अशोक श्रीवास्तव व अमन चोपड़ा, विश्व हिंदू परिषद के मिलिंद परांडे और आलोक कुमार, दिनेश चंद्र, चंपत राय, अशोक तिवारी, मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यपाल डॉ. लक्ष्मण आचार्य, प्रो. राकेश उपाध्याय, प्रो. सीपी सिंह, प्रो. वी. रामनाथन, प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, पं. विनय झा, राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील विश्वकर्मा और अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन सहित कई प्रमुख लोग शामिल होंगे।