ऑनलाइन आवेदन के बाद साक्षात्कार के माध्यम से विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षित नागरिक तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे संस्कारित और जिम्मेदार युवा तैयार करना है, जो समाज और राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
विद्यालय संस्कृत लेकिन फर्राटा अंग्रेजी बोलते हैं बच्चे
तराया में स्थित इस विद्यालय में भले ही पढ़ाई संस्कृत में होती है, लेकिन यहां के बच्चे फर्राटा अंग्रेजी बोलते हैं। कक्षा 8वीं के वेदांत समेत कक्षा 6, 7 और 8 के अन्य बच्चों ने अंग्रेजी में अपना पूरा परिचय दिया। वहीं, कक्षा 8वीं के रुद्रांश ने संस्कृत में श्लोक सुनाए। कक्षा 8वीं के ही धोनी ने अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत में परिचय देने के साथ ही श्लोक व चौपाईयां सुनाईं।
एक्सपर्ट की तरह चलाते हैं कंप्यूटर
कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्रों को कंप्यूटर का भी ज्ञान दिया जाता है। बच्चों को इतना दक्ष बना दिया गया है कि उन्हें देखने पर लगता है मानों कोई एक्सपर्ट कंप्यूटर चला रहा हो। छात्रों को पढ़ाने के लिए कंप्यूटर लैब बनाए गए हैं। इसमें 18 कंप्यूटरों पर एक साथ एक क्लास के 18 बच्चें पढ़ते हैं।
प्राचार्य बोले
विद्यालय में छात्रों को हर तरह के विषय पढ़ाए जाते हैं। प्रत्येक 15 दिन पर विशेष गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। इसमें काशी की सांस्कृतिक विरासत, गंगा आरती, भारतीय परंपराएं और महान विभूतियों के जीवन पर चर्चा होती है। छात्रों को मौजूदा माहौल के अनुसार ही शिक्षा दी जा रही है। -आचार्य शैलेंद्र द्विवेदी, प्राचार्य, स्वर्वेद संस्कृत माध्यमिक विद्यालय