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Jeeva Murder: भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड का आरोपी था जीवा, ऐसे बना मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर

Wed, 07 Jun 2023 09:30 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

लखनऊ की अदालत में बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश और माफिया मुख्तार अंसारी के शॉर्प शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड का आरोपी था। 
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गैंगस्टर संजीव जीवा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश और माफिया मुख्तार अंसारी के शॉर्प शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का नाम गाजीपुर से भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित सात लोगों की हत्या में आया था।एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग करने के लिए संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा जरायम जगत में कुख्यात था। हालांकि, सीबीआई की अदालत ने मुख्तार अंसारी और उसके गुर्गों को इस हत्याकांड से बरी कर दिया था। फिलहाल, मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कृष्णानंद राय की हत्या 18 वर्ष पहले हुई थी।

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लखनऊ की अदालत में जिस बदमाश संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या बुधवार को हुई, उसे सीबीआई कोर्ट ने पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जेल में सजा काटने के दौरान ही जौनपुर के कुख्यात बदमाश व मुख्तार अंसारी के खास शूटर मुन्ना बजरंगी ने संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया।

प्रोफेशनल तरीके से वारदात को देता था अंजाम 

प्रोफेशनल तरीके से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में माहिर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा धीरे-धीरे मुख्तार अंसारी के करीबी शॉर्प शूटर में शुमार होता चला गया।
ये भी पढ़ें: संजीव जीवा को गोली मारने वाले 25 साल के विजय की कहानी, सात साल पहले किशोरी को लेकर हुआ था फरार

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29 नवंबर 2005 को गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र के बसनियां गांव में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित सात लोगों की हत्या की गई तो एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग करने वालों में संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का नाम सुर्खियों में था।

वाराणसी में कचहरी परिसर की सुरक्षा परखी गई

वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ की अदालत में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या की सूचना पाकर कमिश्नरेट की पुलिस हरकत में आई। एसीपी कैंट अतुल अंजान त्रिपाठी फोर्स के साथ कचहरी परिसर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था में पहले से तैनात पुलिस और पीएसी के जवानों की मुस्तैदी परखी। इसके बाद फोर्स के साथ पैदल गश्त कर कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी।
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संदिग्ध प्रतीत होने वाले लोगों से पूछताछ कर की गई। उनके नाम और पते लिखे गए। एसीपी कैंट ने कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहने वाले पुलिस कर्मियों से कहा कि निगरानी में किसी भी किस्म की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कचहरी के सभी गेट से परिसर के अंदर प्रवेश करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर हो।
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