29 नवंबर 2005 को गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र के बसनियां गांव में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय सहित सात लोगों की हत्या की गई तो एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग करने वालों में संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का नाम सुर्खियों में था।
लखनऊ की अदालत में गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या की सूचना पाकर कमिश्नरेट की पुलिस हरकत में आई। एसीपी कैंट अतुल अंजान त्रिपाठी फोर्स के साथ कचहरी परिसर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था में पहले से तैनात पुलिस और पीएसी के जवानों की मुस्तैदी परखी। इसके बाद फोर्स के साथ पैदल गश्त कर कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी।
संदिग्ध प्रतीत होने वाले लोगों से पूछताछ कर की गई। उनके नाम और पते लिखे गए। एसीपी कैंट ने कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहने वाले पुलिस कर्मियों से कहा कि निगरानी में किसी भी किस्म की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कचहरी के सभी गेट से परिसर के अंदर प्रवेश करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर हो।