संजय सिंह ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार पर कई अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि काशी में सैकड़ों मंदिर और शिवलिंग तोड़े गए तथा चंदौली में 200 वर्ष पुराने मंदिर को भी ध्वस्त किया गया। उन्होंने संत रविदास गेट के सामने विभिन्न वर्गों के लोगों की दुकानों को हटाने की कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों से कम कीमत पर जमीन लेकर उसे ट्रस्ट को अधिक कीमत पर बेचा गया। इसके साथ ही उन्होंने देश में पेपर लीक की घटनाओं, लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन और अन्य जनहित के मुद्दों का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में मौजूद किसानों से संजय सिंह ने कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएं। किसान संवाद कार्यक्रम में अनिल झा वत्स, बंसराज दूबे, देवराज पटेल, बालकिशुन पटेल, त्रिभुवन पटेल, पवन तिवारी सहित आम आदमी पार्टी के कई पदाधिकारी और स्थानीय किसान मौजूद रहे।