समाज में समानता आने तक सेवा जरूरी है। देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। देश में उपलब्धि हासिल करने के बाद हम लोगों को वैश्विक स्तर पर इन कामों को करना है। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को संघ के प्रांत कार्यालय में स्वयंसेवकों से अनौपचारिक बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। यदि समाज में कहीं कमी है तो दोषारोपण के बजाय उन पर काम करना चाहिए।
कांची कामकोटि पीठ की ओर से आयोजित अग्निहोत्र यज्ञ में शामिल होने के बाद दूसरे दिन सोमवार को संघ प्रमुख सिगरा स्थित प्रांत कार्यालय में सुबह संघ प्रार्थना में शामिल हुए। संघ भवन में स्वयंसेवकों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि काशी धर्मनगरी है और यहां से किसी अच्छे काम का संदेश विश्व के हिंदू समाज में जाता है। इसलिए हमेशा अच्छे कामों और उन्हें करने वालों को प्रोत्साहित करें।
इसके बाद संघ प्रमुख ने कोरोना काल में प्राण गंवाने वाले संघ के प्रमुख कार्यकर्ता रहे रत्नदीन के घर पर उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि कोरोना काल ने सेवा की नई मिसाल व परिषाभा को गढ़ा है। संघ कार्यकर्ता रत्नदीप भी सेवा के दौरान ही कोरोना संक्रमित हुए।
संघ यही सिखाता है कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है और कोरोना में संघ की भूमिका ने अपने इस सूत्र वाक्य को सार्थक किया है। इसके बाद उन्होंने पूर्वी यूपी के क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल के आवास पर जलपान ग्रहण किया। इसके बाद वह गंतव्य को रवाना हो गए।