संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के 22 कोर्स में 1037 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गईं। मंच से 40 मेधावियों को उपाधियां मिलीं। ज्योतिष कुंडली विज्ञान, वास्तु विज्ञान, वेद, कर्मकांड, अर्चक, योग, दर्शन, वेदांत, पाली, प्राकृत, भाषा शिक्षण और व्याकरण, मंदिर प्रबंधन आदि में एक वर्षीय डिप्लोमा, छमाही, त्रैमासिक कोर्स के छात्र-छात्राओं, गृहणियों और नौकरीपेशा लोगों को उपाधियां दी गईं। इसमें त्रैमासिक के तीन बैच, छमाही के दो बैच और वार्षिक डिप्लोमा के एक बैच के उपाधिधारक शामिल थे।
पहले बैच में सबसे ज्यादा 495 सर्टिफिकेट
कुल 1037 उपाधियों के वितरण में सबसे ज्यादा संख्या पहले बैच में रही। इसमें 495 सर्टिफिकेट, दूसरे समूह से 306 और तीसरे समूह से 236 छात्र और छात्राओं को सर्टिफिकेट दिए गए। एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में सबसे ज्यादा 393, इसके बाद त्रैमासिक में 315 और छमाही में 293 विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट दिया गया।