वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पिछले 11 सालों से कैशबुक यानी बैलेंस शीट ही नहीं तैयार हुई है। कैशबुक लंबित होने से विश्वविद्यालय में करोड़ों का लेखा-जोखा नदारद है। ऑडिट विभाग इस पर कई बार आपत्ति जता चुका है। अब जब शासन ने सख्ती दिखाई है तो कैशबुक अपडेट करने के लिए कंपनियों का चयन करने की बात कही जा रही है।
11 वर्षों से कैशबुक अपडेट न होने और वित्तीय अनियमितता की आशंका पर शासन-प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है और विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब तलब किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट को दिए गए जवाब में कुल सचिव राजबहादुर ने लिखा है कि विश्वविद्यालय की कैशबुक 2008-09 तक बनाई गई। इसके बाद चार्टर्ड एकाउंटेंट का चयन नहीं होने के कारण कैशबुक नहीं बनाई जा सकी है। वर्तमान में यूपीडेस्को के जरिए कैशबुुक बनाने के लिए प्रेजेंटेशन हो चुका है। अन्य एजेंसियों से भी जल्द ही प्रेजेंटेशन कराया जाएगा और लंबित अवधियों की कैशबुक तैयार करा ली जाएगी। कुल सचिव ने अपने पत्र में लिखा है कि विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार का अनियमित भुगतान नहीं किया गया है।