Varanasi News: कार्यक्रम के दौरान 29वीं दृष्टि पत्रिका, रिश्तों का एहसास और प्रणाम पर्यटन का लोकार्पण किया गया। कवियों ने काव्यपाठ कर कविता के माध्यम से एक जून को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की अपील की।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्राे. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि सभी भाषाओं की जननी संस्कृत है और इन भाषाओं में हिंदी सर्वोच्च भाषा है। भाषाएं एक दूसरे से जोड़ने का माध्यम हैं। जिन देशों ने अपनी भाषा में काम किया वह आज बहुत आगे हैं। प्रत्येक देश को अपनी मातृ-भाषा का विकास करना चाहिए।
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वह बुधवार को पाणिनी सभागार में इंडियन एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट (आईएजे) व सामाजिक विज्ञान विभाग की ओर से हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी राष्ट्र के विकास में हिंदी का योगदान को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य अतिथि केंद्रीय संचार ब्यूरो के माध्यम अधिकारी गोपाल राय ने कहा कि आज हिंदी का विकास तेजी हो रहा है, सरकार भी इसको आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। प्रो. राजनाथ ने स्वागत भाषण, विषय प्रवर्तन प्रो. शैलेश कुमार मिश्र एवं संचालन डॉ. कैलाश सिंह विकास व चक्रवर्ती विजय नावड़ एवं धन्यवाद प्रकाश सत्य नारायण द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम के संयोजक मोती लाल गुप्ता थे।
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इस अवसर पर कुलपति समेत 13 लोगों को काशी रत्न और नौ को शान ए काशी से सम्मानित किया गया। इस दौरान सत्य नारायण द्विवेदी, डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, कोमल सिंह, डॉ. आनंद लाल राय, जियाउद्दीन फारूकी उपस्थित रहे।