उन्होंने कहा कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की संतोषजनक आख्या प्राप्त नहीं हो रही है, जिसके कारण प्रकरणों को पुनः विस्तारित जांच के लिए अधिकारियों को वापस भेजा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को एआई टूल्स के माध्यम से बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण ड्राफ्टिंग तैयार करने के निर्देश दिया। साथ ही सभी एडीओ पंचायत, तहसील के लेखपालों एवं संबंधित कर्मचारियों को संवेदनशील बनाते हुए रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान संबंधित शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जाकर जीपीएस आधारित फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए, जिससे जांच की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। भदोही तहसील में एडीएम शुभांगी शुक्ला की अध्यक्षता में शिकायतें सुनी गई। यहां आए 36 में सात मामला निस्तारित किया गया। इस मौके पर एसडीएम अरुण कुमार गिरी, तहसीलदार अजय कुमार सिंह आदि रहे।
औराई तहसील में एडीएम न्यायिक विजय नारायण ने शिकायतें सुनी। यहां कुल 44 मामले आए, जिसमें छह का निस्तारण किया गया। इस मौके पर एसडीएम श्याममणि त्रिपाठी, तहसीलदार मिश्री लाल चौहान आदि रहे। तीनों तहसीलों में आए कुल 117 मामलों में 90 से अधिक राजस्व विभाग से जुड़े रहे। 17 का निस्तारण किया गया जबकि शेष के लिए टीम गठित की गई।
तीन से चार दशक से पूरा परिवार घर बनाकर रहता है। प्रार्थना पत्र देने के बाद भी राजस्व विभाग ने आबादी दर्ज नहीं किया। दो बार शिकायत की गई, लेकिन न्याय नहीं मिला। - संतोष कुमार, नवधन
पुश्तैनी जमीन को लेकर बेटे ने घर से निकाल दिया। राजस्व और पुलिस से सहयोग नहीं मिल रहा है। पांच बार शिकायत कर चूकी हूं। - आरती देवी, नथईपुर
जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग पर डीघ उपरवार गांव के पास बांस की टहनिया सड़क पर लटकी है। एक माह से शिकायत कर रहा हूं, लेकिन उसे नहीं हटाया गया। दुर्घटना में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। इसे हटवाना जरूरी है। - लालू यादव, डीघ उपरवार
गोपीपट्टी गांव में जमीन का बैनमा कराया हूं। उसके पड़ोसी ने जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। राजस्व टीम के कहने के बाद नहीं हटाया गया। - लालजी, घनश्यामपुर