समर सिंह को कस्टडी रिमांड में देने के लिए पुलिस की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी वंदना पाठक, उत्तम त्रिपाठी व विजय पांडेय ने अदालत के समक्ष कहा कि अभियुक्त ने बताया है कि वह अपना मोबाइल लखनऊ स्थित अपने ऑफिस में कहीं छुपा दिया है। इसके अलावा आकांक्षा दुबे के साथ पैसे के लेनदेन और फिल्म से एग्रीमेंट संबंधित कागजात मुंबई के गोरेगांव स्थित ऑफिस में वह ऐसी जगह छुपा रखा है, जिसे सिर्फ वही बरामद करा सकता है। इसलिए अभियुक्त समर सिंह को पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिया जाना जरूरी है।
होटल के कमरे में मृत मिली थीं आकांक्षा
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सारनाथ स्थित एक होटल के कमरे में बीते 26 मार्च को आकांक्षा दुबे का शव फंदे के सहारे लटका मिला था। वह भोजपुरी फिल्म की शूटिंग करने वाराणसी आई थीं। 27 मार्च को आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की तहरीर के आधार पर सारनाथ थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भोजपुरी गायक आजमगढ़ के मेंहनगर निवासी समर सिंह और उसके दोस्त बिलरियागंज क्षेत्र के गद्दोपुर निवासी संजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुकदमा दर्ज होते ही समर सिंह और संजय सिंह भूमिगत हो गए। छह अप्रैल की रात गाजियाबाद में अपने रिश्तेदार के घर ठहरने गए समर सिंह को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे गाजियाबाद की अदालत में पेश कर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर सड़क मार्ग से बीते शनिवार की सुबह वाराणसी लेकर आई। लगभग सात घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने समर सिंह को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। उधर, संजय सिंह की तलाश में सारनाथ थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की तीन टीमों की दबिश जारी है।
आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की ओर से बुधवार को सारनाथ थाने की पुलिस को एक अर्जी दी गई। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की सारनाथ क्षेत्र स्थित एक होटल में हत्या की गई थी। इस मामले में मुंबई में रहने वाली आकांक्षा की एक परिचित महिला की भूमिका संदिग्ध है। इसलिए मुंबई की उस महिला को बुला कर उससे पूछताछ की जाए।