इस संस्थान की उच्च स्तरीय संचालन समिति ( गवानिंग बाडी ) में नीति आयोग के सदस्य, आईसीएमआर, एम्स नई दिल्ली , शिक्षा मंत्रालय , वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि हैं। बावजूद इसके प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष आदि संस्थान के अपताल मे विजिट नहीं करते हैं। जिसके चलते लापरवाही से अनेक कोविड मरीजों की देखभाल नहीं हो पा रही है। आरोप लगाया कि बीएचयू में व्यापक भ्रष्टाचार और अव्यवस्था है। स्टाफ के लिए 1000 करोड़ रूपया खर्च करने की जानकारी है। पिछले साल कोविड इलाज के लिए खरीदे गए अनेक वेंटिलेटर , कई उपकरण उपयोग में नही हैं।