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संपूर्ण समाधान दिवस: फर्जी बैनामे की शिकायत, जांच कर कार्रवाई के दिए निर्देश; अफसरों ने सुनी फरियाद

Tue, 24 Mar 2026 05:32 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Samadhan Divas: अधिकारियों ने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित और निष्पक्ष समाधान प्राथमिकता है तथा शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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राजातालाब तहसील में शिकायतें सुनते अधिकारी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: जिले की तीनों तहसीलों में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जमीन विवाद, अतिक्रमण, फर्जी बैनामा और योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में तत्काल निस्तारण किया, जबकि शेष प्रकरणों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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पिंडरा तहसील में एसडीएम प्रतिभा मिश्रा की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां कुल 109 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 5 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। राजपुर निवासी ऊदल पटेल ने फर्जी तरीके से बैनामा कराने की शिकायत की। इस पर एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक (आरआई) और सिंधोरा थाना प्रभारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

कार्रवाई की मांग

सदर तहसील में भी कई महत्वपूर्ण शिकायतें सामने आईं। पिंडरा निवासी राहुल सोनी ने फूलपुर क्षेत्र में स्थित करीब 52 बीघा तालाब की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा किए जाने का आरोप लगाया। इस मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए। वहीं सिसवा अनेई निवासी ने ‘हर घर जल योजना’ के तहत अभी तक पेयजल आपूर्ति न होने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर संबंधित अधिशासी अभियंता को जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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अवैध कब्जे की शिकायत

राजातालाब तहसील में एसडीएम शांतनु कुमार सिनसिनवार ने जनसमस्याएं सुनीं। हाथी गांव निवासी मनोज ने गांव के रास्ते पर अवैध रूप से गेट लगाकर रास्ता अवरुद्ध करने की शिकायत की। उनका आरोप था कि कुछ लोगों ने सड़क पर अतिक्रमण करते हुए छज्जा बाहर निकाल लिया है और गेट भी सड़क पर लगा दिया है। इसके अलावा गांव की नवीन परती भूमि पर भी अवैध कब्जे का मामला सामने आया, जिस पर जांच के निर्देश दिए गए।

इसी तहसील के चकलोला निवासी त्रिभुवन सिंह ने लेखपाल पर पैमाइश के नाम पर दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया, जबकि खेमापुर निवासी विनोद गोड़ ने गलत पैमाइश किए जाने की शिकायत की। इस पर एसडीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि जिन मामलों में राजस्व अभिलेखों में मामूली त्रुटियां हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर ठीक कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, अन्यथा संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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