धौरहरा हरिहरपुर गांव में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला में आहुतियां डालीं। योगी रामानंद दास महाराज ने कहा कि प्राचीन काल में साधु-संतों ने सनातन संस्कृति के प्रचार के लिए पूरे विश्व का भ्रमण किया था। अगस्त्य ऋषि ऑस्ट्रेलिया और कंबू ऋषि कंबोडिया में धर्म प्रचार किए थे। भगवान कृष्ण के पुत्र सांब ने भी सीरिया जैसे देशों में सनातन संस्कृति का परचम फहराया था। आज भी संतों को विदेशों में सनातन धर्म का प्रचारकरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातनियों में समुद्र यात्रा न करने की मानसिकता पैदा हो गई है। उन्होंने फिर से संस्कृति के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया। पूजन में अरविंद सिंह, सुशील सिंह रघुवंशी, संजय रघुवंशी, सुदर्शन सिंह, प्रवेश सिंह, बालकिशन यादव आदि रहे।