फैशन और मनोरंजन की दुनिया को अपनी हसीन अदाओं से मोहने वाली 27 से अधिक सुंदरियों के जमावड़े वाले दो दिवसीय फैशन शो की सोमवार को जांच शुरू कर दी गई। ब्यूटी क्वीन नेहा धूपिया के अलावा पांच पूर्व मिस इंडिया समेत मायानगरी की 20 से अधिक सुपर मॉडल के कैटवाट वाले इस शो को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। नोटबंदी के दौर में मनोरंजन कर विभाग से आंख बचाकर साहूपुरी में बीते दिनों हुए इस फैशन शो को सुरमयी शामों से हसीं बनाने के साथ ही ‘खान-पान’ पर लाखों रुपये बहाए गए, लेकिन संबंधित संस्थाओं से अनुमति नहीं ली गई।
चंदौली के मनोरंजन कर अधिकारी अटल बहादुर सिंह ने आयोजनस्थल का दौरा किया। वह हफ्ते भर में डीएम को अपनी रिपोर्ट देंगे। डीएम चंदौली कुमार प्रशांत ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। साहूपुरी में हुआ अप्सराओं का फैशन शो की भव्यता और उसके पीछे शाहखर्ची का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आयोजन बीतने के एक हफ्ते बाद भी अब तक मैदान से सामान समेटा जा रहा है। इसमें 400 से अधिक कपड़ा मिल्स के मालिकों समेत छह हजार से अधिक डीलरों ने हिस्सा लिया था। मनोरंजन कर विभाग अब इस फैशन शो से जुड़े कुछ अहम बिंदुओं पर आयोजकों से पूछताछ करने जा रहा है। इसमें किन-किन लोगों को बुलाया गया? कौन-कौन से सेलिब्रेटीज शामिल हुए?
खानपान के लिए क्या व्यवस्था की गई थी? मंच सज्जा के लिए टेंट और अन्य सामान कहां से मंगाए गए थे? जैसे सवाल मनोरंजन कर विभाग ने उठाए हैं। बिजनेस प्रमोशन के लिए हुए इस शो में बड़े पैमाने पर शाहखर्ची तो हुई लेकिन शो के लिए न तो इंडियन परफार्मिंग राइट सोसाइटी (आईपीआरएस) से अनुमति ली गई और न ही पब्लिक परफार्मेंस लाइसेंस (पीपीएल) ही लिया गया। यह दोनों की संस्थाएं निर्धारित शुल्क लेकर फैशन शो अथवा ऐसे आयोजनों की अनुमति देती हैं। ये संस्थाएं कोर्ट की शरण में जा सकती हैं।
बगैर अनुमति के कर चोरी करके किए गए फैशन शो को सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान ने विभागीय जांच के लिए कहा है। सोमवार को मनोरंजन
कर अधिकारी अटल बहादुर सिंह ने एक हफ्ते पहले हुए आयोजन स्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि कुछ बिंदुओं पर आयोजकों से पूछताछ की जानी है। उसके बाद जिलाधिकारी को हफ्ते भर में रिपोर्ट सौंपी जाएगी।