मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से फुल मून मेडिटेशन और सत्संग हुआ। चंद्रमा की रोशनी के बीच साधकों ने ध्यान की विभिन्न विधियों को पूरा किया। साधकों ने चांदनी के नीचे कुछ क्षण, अपने लिए अपनी सांसों के लिए और अपने भीतर की रोशनी के लिए ध्यान लगाया। आर्ट आफ लिविंग के प्रशिक्षकों ने 25 मिनट के ध्यान सत्र में विधियों को पूर्ण कराया। इसके बाद श्रीश्री रविशंकर के प्रवचन भी सुनाए गए। यह जानकारी आर्ट ऑफ लिविंग के उत्पल उपाध्याय ने दी।