कई दशकों से दौड़ रहे, 100 से अधिक पदक जीते
सभाजीत यादव कई दशकों से मैराथन प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। दौड़ के प्रति उनका जुनून और लगातार अभ्यास उन्हें इस उम्र में भी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रखता है। अब तक वह विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 100 से अधिक पदक जीत चुके हैं। दिल्ली हाफ मैराथन में स्वर्ण पदक उनकी खेल यात्रा की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उनकी सफलता उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक गतिविधियों से दूरी बना लेते हैं। सभाजीत ने अपने प्रदर्शन से संदेश दिया कि फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण बनाए रखा जाए तो अधिक उम्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
बेटे ने एशियाई खेल में जीता था कांस्य
सभाजीत की इस उपलब्धि से परिवार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। कुछ दिन पहले ही उनके बेटे रोहित यादव ने जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेल में भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश और जिले का मान बढ़ाया था। अब पिता के स्वर्ण पदक जीतने से परिवार की खेल उपलब्धियों में एक और उपलब्धि जुड़ गई है।
पिता-पुत्र की सफलता से मीरगंज और मछलीशहर क्षेत्र के खेल प्रेमियों में उत्साह है। स्थानीय लोगों ने सभाजीत की मेहनत और लगन की सराहना की। एक ओर बेटे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पहचान बनाई, वहीं पिता ने 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में हाफ मैराथन जीतकर साबित किया कि खेल में सफलता के लिए उम्र नहीं, बल्कि जुनून और निरंतर अभ्यास महत्वपूर्ण हैं।