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ठेंगे पर नियम, ठेके पर लोहिया आवास

Tue, 03 Jan 2017 01:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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लोहिया आवास के आवंटन और निर्माण में घपलेबाजी के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कहीं अपात्रों को आवास बांटने का मामला सामने आ रहा है तो कहीं लाभार्थियों के बैंक पासबुक कब्जे में लेने का। अब लोहिया गांव बरनी में नियम के विपरीत ठेके पर लोहिया आवास का निर्माण कराने का मामला सामने आया है। आवास की दीवारें बनकर खड़ी हो गई हैं लेकिन लाभार्थी को एक धेला तक नहीं मिला। इतना ही नहीं, उसके परिवार के सदस्यों से मुफ्त में मजदूरी भी कराई जा रही है।
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सेवापुरी विकास खंड के लोहिया ग्राम बरनी में विजयी पाल की पत्नी दुखना देवी के नाम से लोहिया आवास आवंटित हुआ है। खाते में धन आने के बाद ग्राम प्रधान ने ठेकेदार के जरिये आवास का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। निर्माण कार्य पूरा होने जा रहा है लेकिन अब तक लाभार्थी के हाथ एक पैसा भी नहीं आया। विजयी ने बताया कि बैंक पासबुक ग्राम प्रधान के पास है। वह मेरी पत्नी को बैंक ले जाकर रुपये निकाल लेते हैं। हम लोगों को पता भी नहीं है कि खाते से कितना धन आया और अब तक कितना निकल चुका है।

निर्माण सामग्री कहां से आती है, इसकी भी जानकारी उन्हें नहीं है। विजयी ने आरोप लगाया कि आवास निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है। उन्होंने बताया कि आवास निर्माण में मेरे परिवार के चार लोग मजदूरी कर रहे हैं लेकिन प्रधान या ठेकेदार ने अब तक कोई मजदूरी नहीं दी। वहीं, गांव के अनिल कुमार सिंह, आनंद कुमार पांडेय और दिवाकर पांडेय का आरोप है कि ज्यादातर अपात्रों के लोहिया आवास बन रहे हैं। कमीशन के इस खेल में ब्लॉक से जिले तक के अधिकारी शामिल हैं। उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो व्यापक पैमाने पर घपलेबाजी सामने आएगी। सेवापुरी की बीडीओ रक्षिता सिंह ने बताया  कि ठेके पर लोहिया आवास का निर्माण कराना गलत है। मामले की जांच कराई जाएगी और जो दोषी होगा उसके खिलाफ  कार्रवाई होगी।
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