चंदौली जिले में ओवरलोड ट्रकों और आरटीओ सिंडिकेट की अवैध वसूली का खेल योजनाबद्ध तरीके से होता था। ओवरलोड ट्रकों को सिंडिकेट के सदस्य यूपी-बिहार की सीमा स्थित नौबतपुर चेक पोस्ट पर पकड़ते थे और उन्हें रामनगर ले आया जाता था।
यहां ट्रकों को खड़ा कराने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया के समीप खाली जगह निर्धारित थी, जिसे ‘डंपिंग यार्ड’ के नाम से जाना जाता था। यहां ओवरलोड ट्रकों से कूपन, टोकन, इंट्री फी आदि के नाम पर वसूली तो होती ही थी, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत चालक, मालिक और लदे माल से संबंधित कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की आड़ में अतिरिक्त वसूली के लिए दबाव बनाया जाता था।
मांगी गई रकम अदा करने के बाद ही ट्रकों को आगे जाने दिया जाता था। ओवरलोड ट्रकों पर आरटीओ और पुलिस की अन्य कार्रवाईयों के साथ ही लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का आदेश है।
इसके तहत ओवरलोड वाहनों को सड़कों के जल्द खराब होने का एक प्रमुख कारण मानते हुए चालक, मालिक और माल से संबंधित कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का प्रावधान है।
जिले के ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक नौबतपुर चेक पोस्ट पर ओवरलोड ट्रकों को सिंडिकेट के सदस्य घेर कर रोक लेते थे। मगर, नौबतपुर में ओवरलोड ट्रकों को खड़ा नहीं कराया जाता था।
उनके लिए रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया के समीप जमीन चिह्नित की गई थी। इस ‘डंपिंग यार्ड’ में ओवरलोड ट्रकों को लाकर मनमाफिक वसूली के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाता था। आरटीओ विभाग और ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़े लोग ‘डंपिंग यार्ड’ से भलीभांति वाकिफ थे।
वसूली से जुड़े सारे खेल इसी डंपिंग यार्ड में होते थे। इस बारे में पुलिस अधीक्षक चंदौली संतोष सिंह ने बताया कि जांच कर रही पुलिस टीमों को भ्रष्टाचार से जुड़े अहम तथ्य हाथ लगे हैं।
तफ्तीश के दौरान जो भी बातेें सामने आ रही हैं उनकी तस्दीक कर पुलिस ठोस साक्ष्योें के आधार पर मजबूती के साथ मामले की पैरवी करेगी।