राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। संघ आनलाइन एजूकेशन सिस्टम को प्रोत्साहित करने के साथ ही ई-लर्निंग के लिए अपना खुद का कंटेंट बैंक तैयार करेगा। आनलाइन एजूकेशन के क्षेत्र में भारत दुनिया के विकसित मुल्कों से कदमताल कर सके, संघ इसके लिए जमीन तैयार कर रहा है। नई शिक्षा व्यवस्था का जो ब्लू प्रिंट तैयार हो रहा है उसमें स्मार्ट लर्निंग को प्रमुख स्थान दिया गया है। मगर इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में भी संस्कार, स्वाभिमान और स्वावलंबन को वरीयता मिले।
ई-कंटेंट बैंक के लिए हरिद्वार में एक स्टूडियो बनाया गया है। इस विषयों में सभी विषयों के ई-लर्निंग के लिए उपयोगी सामग्री को विकसित किया जा रहा है। कुल मिलाकर नई शिक्षा व्यवस्था राष्ट्रवाद से प्रेरित होगी और बच्चों को कागजी किताबों से मुक्ति मिलेगी। संघ शिशु मंदिरों में ई-लर्निंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू कराएगा। संघ के प्रकल्प विद्या भारती के राष्ट्रीय मंत्री शिवकुमार ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दूसरे दिन शनिवार को ई-कंटेंट बैंक बनाने की बात कही। कहा कि विद्या भारती शिक्षा को तकनीक
से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विज्ञान और तकनीक के प्रयोग के बिना गुणवत्तायुक्त शिक्षा बेमानी होगी। उन्होंने नई पीढ़ी में शिक्षा के माध्यम से नैतिकता, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की भावना पैदा करने पर जोर दिया। विद्या भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद खेतान ने बताया कि विद्या भारती ने भी ‘पृथ्वीकुल’ संस्था के सहयोग से अपने कार्य के विविध आयामों की प्रस्तुति तैयार की है ताकि दुनिया भर को विद्या भारती की गतिविधियों की जानकारी हो सके।
बैठक में विद्या भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र, अध्यक्ष डॉ. गोविंद शर्मा, महामंत्री ललित बिहारी गोस्वामी, डोमेश्वर साहू, भारतीय शिक्षा समिति के यूपी के मंत्री डॉ. रघुराज सिंह, प्रदेश निरीक्षक चिंतामणि सिंह, विजय उपाध्याय, मनीष कपूर, जगदीश कुमार सिंह आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।