इंद्रेश कुमार का किया गया स्वागत।
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छात्र-छात्राओं ने की बातचीत
कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए प्रो. एसवीएस राजू ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियां और सांस्कृतिक धरोहर हमें विश्व में अलग पहचान दिलाती हैं। युवाओं को इस धरोहर को संरक्षित करते हुए विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। यह आयोजन विज्ञान के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को समझने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरणा देगा।
इस आयोजन को डॉ. अख्तर अली , कोऑर्डिनेटर, सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्ड, और रागोप सपोर्ट फाउंडेशन के श्री जयंती सिंह का सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस प्रकार की चर्चाओं से उनमें समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी का एहसास बढ़ता है।
यह कार्यक्रम बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया और इसका उद्देश्य विज्ञान के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को समझना और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना था।