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UP : बटेंगे तो कटेंगे... के बाद हम एक हैं तो नेक हैं... का नारा, संविधान को लेकर इंद्रेश कुमार ने कही बड़ी बात

Sat, 21 Dec 2024 12:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर साइंस में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश कुमार ने विभिन्न मसलों पर विमर्श किया। इसके साथ ही राजनीतिक गतिविधियों पर भी छात्र-छात्राओं से रायशुमारी की। उनसे मिले जवाब को सराहा गया।
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इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर साइंस विभाग में इंद्रेश कुमार के साथ निदेशक और अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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'विज्ञान में भारत की वैश्विक भूमिका' विषय पर आयोजित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश कुमार ने युवाओं को संदेश दिया कि 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा', 'संविधान हमारा मंदिर है', 'नर सेवा नारायण सेवा', और 'हम एक हैं तो नेक हैं'।

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यह कार्यक्रम बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर साइंस के निदेशक प्रो. एसवीएस राजू के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

मुख्य अतिथि इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक परंपरा पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने भारतीय संविधान को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए इसे हर भारतीय का मंदिर करार दिया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है, और एकता के महत्व पर बल देते हुए हम एक हैं तो नेक हैं का संदेश दिया।
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इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में अल-हनीफ एजुकेशनल ट्रस्ट के चेयरमैन हाजी वसीम अहमद और आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता दीनदयाल ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल युवाओं में सकारात्मकता का संचार करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सेवा भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।

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इंद्रेश कुमार का किया गया स्वागत। - फोटो : अमर उजाला
छात्र-छात्राओं ने की बातचीत
कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए प्रो. एसवीएस राजू ने कहा कि भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियां और सांस्कृतिक धरोहर हमें विश्व में अलग पहचान दिलाती हैं। युवाओं को इस धरोहर को संरक्षित करते हुए विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। यह आयोजन विज्ञान के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को समझने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरणा देगा।

इस आयोजन को डॉ. अख्तर अली , कोऑर्डिनेटर, सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्ड, और रागोप सपोर्ट फाउंडेशन के श्री जयंती सिंह का सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस प्रकार की चर्चाओं से उनमें समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी का एहसास बढ़ता है।

यह कार्यक्रम बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया और इसका उद्देश्य विज्ञान के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को समझना और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना था।
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