फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RSS chief in Varanasi: मोहन भागवत बोले- हम रेस में आगे नहीं रहना चाहते, सभी लोग मिलकर करें तालमेल से काम

Sat, 26 Mar 2022 07:05 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में संघ प्रमुख ने कहा कि हम देश के हर जिले में एक गांव को आदर्श गांव बनाना चाहते हैं। अभी देश में 400 गांव प्रभात गांव हैं, जहां कुछ परिवर्तन दिखता है। 
 
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वाराणसी में शनिवार को लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र में जागरण श्रेणी और पूर्व प्रांत संगठन श्रेणी की बैठक में संगठनात्मक कामों और गतिविधियों की समीक्षा की।सरसंघचालक ने कहा कि स्वयंसेवक समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।

विज्ञापन


स्वयंसेवकों की पहल से समाज की सज्जन शक्ति के सहयोग से समाज परिवर्तन के कार्य को परिणामकारी ढंग से आगे बढ़ाया है। हम रेस में आगे नहीं रहना चाहते, सभी लोग मिलकर तालमेल के साथ कार्य करें। इसलिए केवल संगठन की रचना नहीं कर रहे, बल्कि समाज परिवर्तन के कार्य को समाज का आंदोलन बनाना चाहते हैं। 

संघ प्रमुख ने कहा कि हम देश के हर जिले में एक गांव को आदर्श गांव बनाना चाहते हैं। अभी देश में 400 गांव प्रभात गांव हैं, जहां कुछ परिवर्तन दिखता है। ऐसे ही परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, गौ सेवा-संवर्धन के क्षेत्र में स्वयंसेवक कार्य कर रहे हैं। भारत स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहा है।

विज्ञापन

स्वतंत्रता आंदोलन सार्वदेशिक और सर्वसमावेशी था, लेकिन कई तथ्य सामने नहीं आए, दब गए। स्वतंत्रता सेनानियों ने संगठित, संपन्न भारत का स्वप्न देखा था, उसे साकार रूप देने का कार्य वर्तमान पीढ़ी को करना चाहिए, इस दृष्टि से विभिन्न कार्यक्रम हमने लिए हैं।

संघ प्रमुख ने शाखा में शामिल होने वाले लोगों के प्रशिक्षण पर जोर देते हुए शताब्दी वर्ष 2025 से पहले संघ के प्रमुख सात आयामों को परिपूर्ण करने का लक्ष्य रखा और आगामी तीन वर्ष में धर्मजागरण, परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, सामाजिक सद्भाव, गो संवर्धन, ग्राम विकास, जल व पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों की कार्ययोजना भी बताई।

शिक्षा और स्वावलंबन पर करना है काम

प्रतीकात्म तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया।
जागरण श्रेणी और पूर्व प्रांत संगठन श्रेणी के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सरसंघचालक ने कहा कि दो क्षेत्रों में विशेष कार्य करने की बड़ी आवश्यकता है। शिक्षा क्षेत्र में विद्यालय बंद रहने के कारण छात्रों का विकास प्रभावित हुआ है, इसे लेकर संघ के स्वयंसेवक कार्य कर रहे हैं।

ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई तो हुई, लेकिन काफी कुछ छूट गया, इसकी भरपाई आवश्यक है। दूसरा कोरोना के कारण रोजगार प्रभावित हुआ है, स्वावलंबन को लेकर भी स्वयंसेवक कार्य कर रहे हैं। इसी के संबंध में बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया। 

भारत में अपने संसाधनों के दम पर है आत्मनिर्भर बनने की क्षमता

प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता, मानवशक्ति की विपुलता और अंतर्निहित उद्यमकौशल के चलते भारत में अपने कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों को परिवर्तित करते हुए कार्य के पर्याप्त अवसर उत्पन्न कर आत्मनिर्भर बनने की क्षमता है। इस क्षमता का सदुपयोग करने के लिए एक तरफ सरकार की योजना होनी चाहिए, साथ ही समाज की कर्मण्यता भी बढ़नी चाहिए। गुजरात के स्वयंसेवकों ने, समाज बंधुओं ने दशकों से संघ कार्य में सहयोग व सहभाग कर कार्य को सुदृढ़ किया है, उनके प्रति हम कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। संघ कार्य को अपना ही कार्य समझकर सहयोग दिया है।
विज्ञापन

आज होगा कुटुंब स्नेह मिलन 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ। - फोटो : amar ujala
बीएचयू में रविवार को कुटुंब स्नेह मिलन का आयोजन किया गया है। संघ के आयाम कुटुंब प्रबोधिनी को बढ़ावा देने के लिए आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है।  इस आयोजन में स्वयंसेवक अपने-अपने परिवार के साथ हिस्सा लेंगे। संघ की यह सोच है कि अगर परिवार जुड़ेगा तो सेवा का भाव और बेहतर हो जाएगा। इस दौरान सरसंघचालक परिवार को शाखा से जोड़ने के बारे में मूलमंत्र देंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें