ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वे में जलकल, स्मार्ट सिटी, गेल, जल निगम, बीएसएनएल और बिजली विभाग के निर्माण को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक 3.75 किमी लंबे रोप-वे निर्माण के लिए 1.59 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के लिए चिह्नित है।
1.59 हेक्टेयर चिह्नित जमीन में निजी 0.96 हेक्टेयर और सरकारी 0.63 हेक्टेयर है। सर्किट रेट से तय मुआवजा के आधार पर निजी जमीन पर 72 करोड़ रुपये और सरकारी जमीन पर 101 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैंट, भारतमाता मंदिर, बेसेंट थियेसोफिकल सोसाइटी रथयात्रा, गिरिजाघर और गोदौलिया चौराहे पर स्टेशन और 30 टॉवर बनाए जाने हैं। भारत माता मंदिर परिसर में 3600, बीटीएस में 4000, कैंट स्टेशन और गोदौलिया चौराहे पर 3000 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि रोपवे परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिए 173 करोड़ रुपये और जनसुविधाओं की लाइन शिफ्ट करने के लिए 28 करोड़ रुपये के बजट को शासन से मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह धनराशि जारी हो जाएगी। जनसुविधाओं की शिफ्टिंग और जमीन अधिग्रहण फरवरी तक करने का लक्ष्य है और मार्च में रोपवे का काम शुरू हो जाएगा।
एक नजर में
- रोपवे रूट की लंबाई -3.75 किलोमीटर
- रोपवे परियोजना पर खर्च होनी धनराशि- 461 करोड़ रुपये
- 30 टावर से गुजरेगा रोपवे, पांच स्टेशन भी बनाए जाएंगे
- कैंट रेलवे स्टेशन परिसर में होगा पहला और गोदौलिया चौराहे पर अंतिम स्टेशन