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Varanasi News: दयाशंकर के खाते से 69 लोगों को ट्रांसफर हुए थे 1.48 करोड़ रुपये

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स्वास्थ्य विभाग के लिपिक दयाशंकर वर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) कर रही है। विजिलेंस वाराणसी के एसपी ने सीएमओ बलिया से प्रधान लिपिक दयाशंकर के बैक खाते से मिले विवरण के आधार पर जानकारी मांगी है। दयाशंकर के बैंक खाते से मई 2013 से जून 2017 के बीच 69 लोगों के खाते में 1.48 करोड़ से ज्यादा रुपये ट्रांसफर हुए हैं। उसमें स्वास्थ्य विभाग के कितने कर्मचारी हैं, इसकी जानकारी मांगी गई है।
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सूत्रों के अनुसार, 69 लोगों की सूची में कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधि, नेता, अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी (विजिलेंस) के एसपी ने पत्र के माध्यम से कहा कि जांच के दौरान दयाशंकर ने बताया कि मई 2013 से जून 2017 तक उसके वेतन के बैंक खाते में कर्मचारियों के वेतन, एरियर के 1,48,99,276 रुपये ट्रेजरी से आए थे। दयाशंकर ने वेतन खाते का ट्रांजेक्शन जांच अधिकारी को उपलब्ध कराया है।



दयाशंकर ने बताया कि उस दौरान उसके वेतन खाते का उपयोग तत्कालीन डीडीओ करते थे। डीडीओ, चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों का वेतन व अन्य मद के रुपये मेरे वेतन खाते में मंगाते थे। मैं ये रुपये कर्मचारियों के खाते में ट्रांसफर कर देता था। इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ. आनंद सिंह ने कहा कि विजिलेंस के पत्र के आधार पर जांच कर जानकारी जुटाई जा रही है।
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विभाग में चलती थी दयाशंकर की



स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश में सरकार चाहे जिसकी रही हो, विधायक-मंत्री कोई रहा हो, लेकिन विभाग में दयाशंकर का ही दबदबा रहा। सीएमओ की भूमिका सिर्फ हस्ताक्षर बनाने तक की थी। दयाशंकर की दया से ऐसे तमाम लोग नौकरी कर रहे हैं, जिन्हें न तो अपनी ड्यूटी के बारे में कोई जानकारी है और न ही अपने कार्यस्थल का ही पता है। इसके बावजूद वे वेतन उठा रहे हैं।

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आय से अधिक धन खर्च किया

विजिलेंस की जांच में लोक सेवक के रूप में कार्यरत रहते निर्धारित अवधि के दौरान दयाशंकर ने सभी ज्ञात और वैध स्रोतों से 43 लाख 56 हजार 56 रुपये की आय अर्जित की। जबकि इस दौरान परिसंपत्तियों के अर्जन और भरण-पोषण पर एक करोड़ 80 लाख 88 हजार 726 रुपये खर्च किए।
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