रोजा इफ्तार के बाद नमाज अदा करते आजम खां व अन्य।
सोमवार की शाम चार हजार से अधिक रोजेदारों ने एक साथ बेनियाबाग के मैदान पर इफ्तार किया और मगरीब की नमाज अदा की। इफ्तार की दावत में प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां भी शरीक हुए। अजान के बाद बेनियाबाग पहुंचे आजम ने रोजा खोला और नमाज अदा की। नमाज के लिए उन्होंने खुद माइक से आवाज लगाई और कहा कि जो लोग रोजा नहीं रखे हैं वे भी नमाज में आ जाएं। ये कोई लंगर नहीं था। नमाज में नहीं आएंगे तो लोग बेशर्म समझेंगे। आजम का इतना कहना था कि रोजेदारों का हुजूम उनके पीछे हो लिया।
बड़ी बाजार के इमाम मौलाना यासिन सिराजी ने नमाज पढ़ाई। आजम खां के साथ राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम और उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन शकील अहमद बबलू,शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी, सुल्तानपुर के विधायक अबरार अहमद व एएन इकबाल समेत सैकड़ों रोजेदारों ने नमाज अदा की। पिछले तीन दिनों से इस इफ्तार पार्टी की तैयारी चल रही थी। पूरे शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए थे।
बेनियाबाग के फुटबाल मैदान पर ही एक ओर नमाज और दूसरी ओर इफ्तार की व्यवस्था की गई थी। सोमवार की दोपहर बाद हुई जोरदार बारिश के बाद एकबारगी लगा कि यह कार्यक्रम मुमकिन नहीं है मगर नगर निगम का पूरा अमला मैदान से पानी निकालने में जुट गया। सफाई कर्मियों की पूरी फौज यहां उतार दी गई। नगर आयुक्त खुद मौके पर डटे रहे। रोजेदारों के लिए पूरे मैदान में कारपेट बिछाया गया था मगर जब वह बारिश से भींग गया तो आनन-फानन में कुर्सी का इंतजाम किया गया। दो घंटे की मशक्कत के बाद मैदान में लगे पानी को बाहर निकाल लिया गया।
नगर विकास मंत्री आजम खां ने हज कमेटी के प्रमुख के तौर पर कहा कि बादशाह (प्रधानमंत्री) चाहेंगे तो बनारस में स्थायी हज हाउस बन जाएगा। हज कमेटी ने इसके लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के पास चार एकड़ के भूखंड का चयन किया है। यह जमीन केंद्र सरकार की है। यहां के लोग भाजपा के नेताओं या बादशाह से इस जमीन को हज कमेटी को देने की गुजारिश करें तो हज हाउस बनने में देर नहीं लगेगी। आजम ने कहा कि मैं हज हाउस को योग की तरह विवादित नहीं बनाना चाहता। मेरी मंशा है कि ऐसा हज हाउस बने, जिसमें सभी लोगों की सहमति हो।
आजम ने भाजपा और बादशाह पर जुबानी हमला बोला मगर अपनी ही पार्टी के सांसद अमर सिंह को लेकर पूछे गए सवाल पर चुप्पी साध ली। जब उनसे पूछा गया कि अमर सिंह को सपा ने राज्यसभा में भेज दिया है। इससे पार्टी कितनी मजबूत होगी? आजम ने सवाल को नजरअंदाज ही नहीं किया, एक लफ्ज बोले भी नहीं।