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भरभराकर गिरी जर्जर मकान की छत: मलबे में दबी महिला, धड़ाम की आवाज सुन पहुंचे लोग; नगर निगम पर सवाल

Sat, 19 Sep 2026 10:55 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आदमपुर थाना क्षेत्र के मच्छोदरी स्थित त्रिलोचन घाट मार्ग पर जर्जर मकान की छत भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने उन्हें अस्पताल भेजा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान लंबे समय से जर्जर था। शहर में 489 जर्जर भवन चिह्नित होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।
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इसी मकान में हुआ था हादसा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आदमपुर थाना क्षेत्र के मच्छोदरी में त्रिलोचन घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर शनिवार दोपहर जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में दबने से सीमा देवी (38) गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आदमपुर पुलिस ने महिला को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

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त्रिलोचन घाट के पास प्रभा देवी पत्नी स्व. छोटे लाल का दो मंजिला मकान है। बताया गया कि मकान काफी समय से जर्जर हालत में है। वर्तमान में प्रभा देवी समेत परिवार के छह सदस्य इसी मकान में रहते हैं। शनिवार दोपहर करीब 12:40 बजे अचानक मकान की छत भरभराकर नीचे गिर गई। उस समय मकान में मौजूद प्रभा देवी की बेटी सीमा देवी मलबे की चपेट में आकर दब गईं।

सीमा अपने ससुराल बाबतपुर से मायके आई थीं। छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला। सूचना पर आदमपुर पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने घायल सीमा को अस्पताल भेजा, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।

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इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया कि मकान की स्थिति जर्जर है। घटना की जानकारी नगर निगम को दे दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर भवनों के कारण आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।

शहर में जर्जर भवनों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई पर भी सवाल उठते रहे हैं। नगर निगम की ओर से करीब पांच साल पहले शहर के पूर्व पांच जोन में 489 जर्जर भवन चिह्नित किए गए थे। इनमें से दालमंडी में हुई कार्रवाई को छोड़ दिया जाए तो अब तक ज्यादातर जर्जर भवनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

नगर निगम की ओर से कई बार बताया जाता है कि अधिकतम जर्जर भवनों से जुड़े मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। कुछ भवनों के स्वामियों का पता नहीं चल पाने की बात भी कही जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी वजह से कई भवनों के स्वामियों को नोटिस तक नहीं दिया जा रहा है।

शनिवार को जर्जर मकान की छत गिरने से महिला के घायल होने की घटना ने एक बार फिर शहर में चिह्नित जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और उनके खिलाफ कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है।
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नगर निगम के अनुसार जर्जर भवनों की संख्या

जोन - जर्जर भवन
कोतवाली - 258
दशाश्वमेध - 152
रामनगर - 31
भेलूपुर - 14
आदमपुर - 13
वरुणापार - 12
सारनाथ - 9
कुल - 489
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