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इतना सन्नाटा कभी नहीं दिखा रोडवेज बस अड्डे पर

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वाराणसी में रविवार को कैंट स्थित बस स्टैण्ड पर लॉक डाउन के कारण पसरा सन्नाटा । फोटो नरेन्द्र यादव - फोटो : CITY
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वाराणसी। पूर्वांचल सहित पश्चिमी यूपी, दिल्ली, नेपाल को जोड़ने वाले इस बस स्टेशन पर पिछले 40 दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ है। कभी दस हजार से अधिक यात्रियों से रोजाना गुलजार रहने वाले आठ डिपो को समेटे वाराणसी परिक्षेत्र की 542 बसों के पहिये लॉक हैं और हर दिन 60 लाख की इनकम डाउन हो रही है। एहतियातन कैंट-अंधरापुल रोड से सटे स्टेशन के प्रथम व द्वितीय द्वार को बैरिकेडिंग से बंद करते हुए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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लॉकडाउन के दौरान लाइव कवरेजे के लिए रोडवेज परिसर में दाखिल होते ही वहीं पर तैनात पुलिस कर्मी आंखें तरेरते हुए पूछने लगे, लॉकडाउन है तो फिर कैसे यहां आ गए। परिचय बताते ही ड्यूटी में तैनात एक पुलिस कर्मी ने हाथ सैनिटाइज कराया। स्टेशन परिसर के ठीक सामने क्षेत्रीय प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का कार्यालय है। विभागीय कार्य के लिए कुछ बाबू रोजाना चार घंटे के लिए कार्यालय आते हैं। उनके अलावा दूर-दूर तक परिसर में कोई नहीं दिखा और सन्नाटा पसरा रहा।
सीजन में 50 करोड़ से अधिक का झटका लगना तय
रोडवेज यूं तो पिछले दो साल से घाटे में दौड़ रहा है। हालांकि इस बार सब कुछ बेहतर होने के बाद यह उम्मीद थी कि रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र इनकम में यूपी टॉप करेगा। मगर, लॉकडाउन की घोषणा के बाद 24 मार्च से ही रोडवेज बसों के पहिये थम गए हैं। रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र की एक दिन की आय 60 लाख रुपये है। अप्रैल, मई, जून और जुलाई सीजन माह कहा जाता है। इसमें 70 लाख रुपये और इससे अधिक भी एक दिन की आय होती है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार 50 करोड़ से अधिक का नुकसान होना तय है।
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चौधरी चरण सिंह रोडवेज बस स्टेशन पर रोजाना 500 से अधिक बसों का आना-जाना होता है। इसमें तकरीबन 150 से अधिक एसी बसें हैं। रोडवेज वाराणसी परिक्षेत्र में कैंट, काशी, ग्रामीण, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र, विंध्यनगर शामिल हैं। वाराणसी से काठमांडू एसी बस सेवा और काशी से कानपुर होते हुए आगरा, मथुरा होते हुए नई दिल्ली तक स्कैनिया, वाल्वो, जनरथ बस सेवाएं चलती हैं। इसके अलावा यूपी के लगभग सभी जिलों में यहां से बसों का संचालन होता है।
30 बसों को किया गया है रिजर्व
वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय ने बताया कि लॉकडाउन घोषणा के दौरान से ही बस सेवा बंद हैं। सिर्फ जिला प्रशासन के आदेश पर ही बसों का संचालन किया जाता है। इसके लिए 30 बसों को हर वक्त रिजर्व में रखा गया है। कर्मियों को भी मुख्यालय नहीं छोड़ने की कड़ी हिदायत दी गई है। जिला प्रशासन के आदेश पर अब तक 30 बसों की सेवाएं दी जा चुकी हैं।
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