पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश
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उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य था सड़क दुर्घटनाओं की संख्या, घायल व्यक्तियों और सड़क हादसों में मृत्यु दर में कमी लाना। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए बहुआयामी कार्य योजना बनाकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
उसी ब्लू प्रिंट पर काम करते हुए वाराणसी कमिश्नरेट के यातायात विंग के प्रभारी एडीसीपी ट्रैफिक दिनेश पुरी और उनकी टीम ने पूरे मनोयोग से कार्य करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि अब और मजबूती से योजना बनाकर काम करने के लिए शीघ्र ही बैठक होगी। दोबारा से ब्लैक स्पॉट का चिन्हीकरण इत्यादि पर काम शुरू किया जाएगा।
पुलिस ने दुर्घटना स्थानों की रिपोर्ट लेकर चिन्हित किया। संभावित दुर्घटनाओं का कारण ढूंढा। कहीं अत्यधिक यातायात दबाव, खतरनाक मोड़, सर्किल होने, दोनों तरफ घनी आबादी की वजह से दुर्घटनाएं होना सामने आया। ऐसे स्थानों को चिन्हित करने के बाद चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर सफेद पट्टी, संकेत चिन्ह, गति कम बोर्ड लगाए। इसके अलावा यातायात नियमों के पालन के लिए लोगों को जागरूक किया गया।