वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसद निधि से बनने बनने वाली सड़क में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) की लापरवाही सामने आई है। मुख्य विकास अधिकारी की जांच में 8.47 लाख रुपये से बनने वाली सड़क मानक और गुणवत्ता के अनुुरूप नहीं पाई गई है। पूर्व सूचना के बाद भी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता मौके पर नहीं पहुंचे। सीडीओ गौरांग राठी ने उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण का निर्देश दिया है।
काशी विद्यापीठ ब्लाक के सुसुवाही स्थित विश्वकर्मा नगर कालोनी में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से पीएम मोदी के सांसद निधि से सड़क बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों ने गिरजा शंकर पाठक के मकान से मदन मोहन बरेढ़ा के मकान तक की सड़क के निर्माण में मानक और गुणवत्ता में लापरवाही की शिकायत की। लोगों की शिकायत पर जांच को पहुंचे सीडीओ गौरांग राठी ने पटरी पर इंटरलॉकिंग कई जगहों पर बैठी हुई पाई। अधिशासी अभियंता को पहले से सूचना दी गई थी। बावजूद इसके वे मौके पर नहीं आए। सीडीओ ने अनुशासन हीनता पर नाराजगी जताई। जांच में अधिशासी अभियंता और अन्य अभियंताओं के पर्यवेक्षण में लापरवाही पाई गई। जांच के दौरान अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।