परेशानी लोगों की जुबानी :
दनियालपुर निवासी पप्पू चौधरी का कहना है कि पानी कम होने से बाढ़ का खतरा तो टल गया है, लेकिन किसी प्रकार का इंतजाम न होने से गंदगी और गड्ढे में जल जमाव हो गया है। लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मीरा घाट तालीम नगर में रहने वाले मोहन मिस्त्री ने बताया कि पानी कम होने के बाद अब इलाके में बदबू और सड़न हो रही है।
नदियों द्वारा लाई गई गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में यहा दवाओं का छिड़काव जरूरी है। वहीं यहीं के रहने वाले अब्दुल अंसारी ने कहा कि पानी बढ़ा लेकिन अब तक कोई सुविधा नहीं मिली है। अब पानी कम होने के बाद भी कोई देखने वाला नहीं है। ऐसे में घरों में गंदा पानी भरा है, जिसे निकाल कर दवाओं का छिड़काव जरूरी है।
मीराघाट तालीम नगर :
वरुणा का पानी तो कम हो गया है, लेकिन मोहल्ले में बिजली आपूर्ति बंद होने और दूषित पानी के आने के चलते परेशानी बढ़ गई है। घर में पानी भरने से काफी समान खराब हो गया है।
हुस्न बानो, मीराघाट तालीम नगर
चिकित्सा विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीवी सिंह ने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों को अलर्ट कर दिया गया है। दवाओं के छिड़काव का निर्देश जारी हो गया है। इसमें विशेष कर गंगा और वरुणा के तटीय इलाकों से सटे स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात चिकित्सकों को आने वाले मरीजों का विशेष ध्यान देने को कहा गया है।