फ्लैग- विश्वनाथ मंदिर परिसर में पेड़ा बेचने पर विवाद
हेडिंग: महादेव लाल पेड़ा भंडार के संचालक सहित सात के खिलाफ मुकदमा
- बलवा, सरकारी कर्मचारी पर हमला और तोड़फोड़ कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप
- विश्वनाथ मंदिर की नायब तहसीलदार की तहरीर पर चौक थाने की पुलिस ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में लाल पेड़ा बेच रहे महादेव लाल पेड़ा भंडार के संचालक सहित सात लोगों के खिलाफ शनिवार को चौक थाने में बलवा, सरकारी कर्मचारी पर हमला और तोड़फोड़ कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई विश्वनाथ मंदिर के नायब तहसीलदार मिनी एल शेखर की तहरीर के आधार पर हुई है।
नायब तहसीलदार के मुताबिक, मंदिर प्रशासन की अनुमति से महादेव लाल पेड़ा भंडार की तरफ से पहले विश्वनाथ धाम परिसर में लाल पेड़ा बेचा जाता था। बीते 21 अगस्त को दुकान बंद करने का नोटिस दिया गया था। इसमें कहा गया था कि 31 अगस्त तक अपनी दुकान धाम परिसर से हटा लें। इसका अनुपालन भी कराया गया। 18 अक्तूबर को मंदिर प्रशासन की अनुमति के बगैर महादेव लाल पेड़ा भंडार के अंकित सिंह अपने भाई और सहयोगी रवि यादव, दिनेश सिंह, आशुतोष यादव, राकेश, धीरज दूबे, अमन गोंड के साथ नंदू फारिया गेट से जबरन लाल पेड़े के पैकेट लेकर आए। गुंडई और तोड़फोड़ करते हुए शंकराचार्य चौक पर पेड़ा बिक्री का काउंटर लगा दिया। उन्हें हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों और पुलिसकर्मियों ने मना किया, लेकिन नहीं माने। न ही काउंटर हटाया और न ही पेड़ा बेचना बंद किया।
बिना अनुमति जबरन मंदिर परिसर में प्रवेश किया
नायब तहसीलदार ने चौक थानाध्यक्ष से कहा कि सातों लोगों ने अनुमति के बिना गैर अनुमन्य सामग्री के साथ बलपूर्वक मंदिर परिसर में प्रवेश किया। अनुमति के बिना ही मंदिर परिसर में व्यापार किया। मंदिर के काउंटर पर कब्जा कर धर्मस्थल की शुचिता और अनुशासन भंग किया। इस संबंध में चौक थानाध्यक्ष विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए हुई दिक्कत
विश्वनाथ धाम में अब प्रसाद की नई व्यवस्था बनाई गई है। चावल के आटे, चीनी और बेलपत्र के चूर्ण से प्रसाद बनाया जा रहा है। इसलिए प्रसाद की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई। इसके बावजूद महादेव पेड़ा की तरफ से मनमानी की जा रही थी।