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बीएचयू में इंटिग्रिटी पैनल पर साहित्यिक चोरी रोकने की जिम्मेदारी

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अब किसी भी तरह की साहित्यिक चोरी, शोध से जुड़ी थीसिस चोरी पर आसानी से रोक लगाई जा सकेगी। इसके लिए यूजीसी के निर्देश पर बीएचयू में एकेडमिक इंटिग्रिटी पैनल का गठन किया गया है। सात सदस्यीय पैनल का चेयरमैन विज्ञान संकाय के प्रमुख को बनाया गया है, जबकि अलग-अलग संकायों के प्रोफेसर, संकाय प्रमुख, विभागाध्यक्ष इसके सदस्य रहेंगे और असिस्टेंट रजिस्ट्रार एकेडमिक को इसका सचिव बनाया गया है। पैनल में सदस्य के तौर पर जेएनयू के भी एक प्रोफेसर को शामिल किया गया है।
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उच्च शिक्षण संस्थानों में आमतौर पर शोध, साहित्य के मामलों में थीसिस चोरी सहित कई मामले सामने आते हैं। यूजीसी और शासन में इसकी शिकायत भी होती है। इसको देखते हुए ही यूजीसी ने अब सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रमोशन ऑफ एकेडमिक इंटीग्रिटी एंड प्रीवेंशन प्लेगेरिज्म इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यशन-रेगुलेशन 2018 बनाया है। इसके तहत विश्वविद्यालयों में साहित्यिक चोरी रोकने के लिए ही इंस्टिट्यूशनल एकेडमिक इंटीग्रिटी पैनल का गठन करने को कहा गया था। इधर बीएचयू की ओर से 24 मई को ही कमेटी का गठन किया जा चुका है। विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो.एचबी श्रीवास्तव को इसका अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि आईएमएस बीएचयू के बायो केमिस्ट्री डिपार्टमेंट से प्रो.डी दास, बीएचयू के लाइब्रेरियन, जेएनयू से प्रोफेसर हीरामन तिवारी, बीएचयू के संकाय प्रमुख, विभागाध्यक्ष को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा असिस्टेंट रजिस्ट्रार एकेडमिक को इसका सचिव होंगे। विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा।
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