भारत अध्ययन केंद्र में वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे का अभिनन्दन किया गया। संवाद
वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे का शुक्रवार को बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में अभिनंदन हुआ। मुख्य अतिथि आचार्य राजारामशुक्ल ने कहा कि वैदिक परंपरा का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। भारतीय ज्ञान परंपरा और मेधा शक्ति के महत्व को युवाओं तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
सारस्वत अतिथि आचार्य राममूर्ति चतुर्वेदी ने कहा कि वेदमंत्र के अध्येता का सम्मान वेदपुरुष का सम्मान है। इसको साक्षात नारायण का सम्मान माना जाता है। जो वेद का अध्ययन करता है, उसको उसके अर्थ का ज्ञान भी होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से भारतीय युवाओं की पारंपरिक विद्याओं के प्रति आस्था और अधिक दृढ़ होती है। संपूर्ण माध्यंदिन शुक्लयजुर्वेद संहिता का दंडक्रम पारायण प्रमाणित करता है कि आज भी प्राचीन ऋषि परंपरा सदृश भारतीय मेधा सुरक्षित है। वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे का बीएचयू के सौजन्य से अभिनंदन पत्र प्रदान करते हुए सम्मान किया गया। अभिनंदन पत्र कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल तथा भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक आचार्य सदाशिव कुमार द्विवेदी ने प्रदान किया।