काशी में अब तक हुए विकास से मिलने वाले लाभ और शहर की जरूरत का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए स्मार्ट सिटी की ओर से बीएचयू को जिम्मेदारी दी गई है। बीएचयू के विशेषज्ञों की मदद से रिपोर्ट तैयार होगी। इसी आधार पर आगे के विकास कार्य कराए जाएंगे।
बीते नौ साल में वाराणसी में अब तक तकरीबन 60 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें कई फ्लाईओवर, पार्किंग, सड़कें, आरओबी और अन्य जनसुविधाओं के कार्य कराए गए हैंं। इनका लाभ न केवल शहर के लोग बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटक भी उठा रहे हैं। इन विकास कार्यों से पर्यटकों और शहरियों की सहूलियत का पता लगाया जा रहा है। इसमें उनसे बातचीत कर सर्वे करने वाली बीएचयू टीम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। इस रिपोर्ट का मकसद है कि यदि कोई कमियां होंगी तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा। इसके अलावा यदि कोई बेहतर सुझाव मिलेंगे तो आगामी विकास योजनाओंं में शामिल किया जाएगा। शहर में पांच वार्डों को स्मार्ट सिटी ने विकसित कर नगर निगम को हस्तांरित कर दिया है। इन वार्डों में सीवर, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का बेहतर ढंग से विकास कार्य कराया गया है। इसी प्रकार अन्य वार्डों को स्मार्ट वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। इस कार्य में रिसर्च मददगार साबित हो सकती है। शहर में लगाए गए कैमरों से आम जनता का जीवन स्तर कितना ऊपर उठा है। इसके अलावा ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ जनता और पर्यटकों के लिए कितना बेहतर सिद्ध हो रहा है। इन सभी बिंदुओं की बारीकियां देखी जा रही हैं।
रिसर्च करने वाली बीएचयू की टीम बाहर से आने वाले पर्यटकों और शहरियों को विकास के बाद मिलने वाले लाभ और आगामी जरूरतों के लिए सर्वे कर रही है। उनकी रिपोर्ट अगले 15 दिनों में मिल जाएगी। - डॉ डी. वासुदेवन, मुख्य महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी