मौजूदा समय मे बिड़ला हॉस्टल तीन भाग अ, ब, स में विभाजित है। विश्वविद्यालय में लगा ये पेड़ उस आजादी के संघर्षों को भी याद दिलाता है, जिस संघर्ष में हमारे कई क्रांतिकारी शहीद हो गए तो वहीं बाबा साहब अंबेडकर की उस मेहनत को भी तरोताजा रखता है, जिन्होंने हमारे देश को अपना खुद का संविधान दिया। तीनों हॉस्टल के छात्रों के अनुसार यह वृक्ष हमें हमेशा यह सीख देता है कि हम सदैव भारतीय संविधान का सम्मान करें।