इसके पहले दो जनवरी को बिहार के औरंगाबाद जिले में नक्सलियों ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य के घर पर धावा बोल कर बाइक, आरा मशीन में आग लगा दिया था। झारखंड के पलामू जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने ट्रैक्टरों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा नक्सलियों ने कुछ अन्य घटनाओं को अंजाम देकर वहां की पुलिस की नाक में दम कर दिया है।
हालांकि वर्तमान में स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। कई नक्सली पकड़े भी जा चुके हैं। सीमावर्ती राज्यों में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी नक्सली संगठनों द्वारा अपने प्रभाव वाले क्षेत्र में गणतंत्र दिवस के अवसर पर विरोध स्वरूप काला दिवस/झंडा फहराया जा सकता है और नक्सली हिंसक घटना को अंजाम भी दे सकते हैं।
नक्सल विरोधी अभियान शुरू
गणतंत्र दिवस पर पड़ोसी राज्यों के नक्सली अपने प्रभाव वाले इलाकों में सुरक्षाबलों को निशाना बना सकत हैं। इसके अलावा नक्सली रेलवे संपत्ति ट्रैक, पुल/पुलिया, वन रेंज कार्यालय, बीएसएनएल टावर, पुलिस थाना/चौकी, सीआरपीएफ/पीएसी पोस्ट आदि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। इसे खुफिया इनपुट को गंभीरता से लेते हुए जिले की सीमावर्ती इलाकों में पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान छेड़ दिया है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र के रेलवे लाइन समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दिया है।
पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि पड़ोसी राज्यों में नक्सलियों द्वारा आगजनी समेत अन्य घटनाओं को दिए जा रहे अंजाम के दृष्टिगत सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बार्डरों पर तैनात जवानों को आने-जाने वाले वाहनों में सवार लोगों की तलाशी लेते हुए संदिग्धों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है। जंगली और पहाड़ी रास्तों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि कोई नक्सली या अपराधी जिले में प्रवेश न करने पाए।