वाराणसी।
छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी कार्यालय के निकट स्थित एक धार्मिक स्थल
को रविवार देर रात ढहा दिया गया। सोमवार को सुबह क्षेत्रीय निवासियों ने
वहां जमकर हंगामा किया और परिषद कार्यालय के सामने नारेबाजी की। माहौल
बिगड़ता देख प्रशासन ने आनन-फानन धार्मिक स्थल का पुनर्निर्माण शुरू कराया।
इस मामले में बंगला नंबर 21 के मालिक रिटायर्ड कर्नल लालजी चौबे के खिलाफ
मुकदमा दर्ज किया गया है। कर्नल का कहना है कि उन्होंने छावनी परिषद से
अनुमति मिलने के बाद ही अवैध रूप से किए गए इस निर्माण को हटाया है।
बंगला
नंबर 21 के परिसर में एक धार्मिक स्थल है। रविवार की रात एक से चार बजे के
बीच इसे जेसीबी से जमींदोज कर दिया गया। सुबह सैकड़ों लोग जुट गए और
हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर छावनी परिषद के सदस्य शैलेंद्र सिंह,
शहनवाज अली, उपाध्यक्ष चंद्र केशव, विधायक अजय राय, सपा नेता डॉ. ओपी सिंह
आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को शांत कराया और सबको साथ लेकर
अधिशासी अधिकारी कार्यालय के मुख्यद्वार पर धरने पर बैठ गए। आंदोलनकारियों
का उग्र रूप देख मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। एडीएम सिटी
विंध्यवासिनी राय, एसपी सिटी सुधाकर सिंह यादव, सीओ कैंट विनोद सिंह भी
पहुंचे। लोगों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं
थे। लोगों का आरोप था कि छावनी परिषद के अधिकारी काफी दिनों से धार्मिक
स्थल को अतिक्रमण बताते हुए हटाने के लिए दबाव बना रहे थे। उनकी मिलीभगत से
ही यह काम किया गया है। इसमें प्रशासन भी मिला हुआ है क्योंकि सौ मीटर की
दूरी पर डीएम और दो सौ मीटर दूर एसएसपी का आवास है, उन्हें भी जेसीबी
चलने
की खबर तो रही ही होगी। माहौल बिगड़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों ने छावनी
परिषद से धार्मिक स्थल का निर्माण कराने को कहा लेकिन वहां से सकारात्मक
जवाब नहीं मिलने पर दोपहर बाद एक बजे ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर
अभियंता लोकेंद्र श्रीवास्तव को बुलाकर निर्माण शुरू कराया। उसके बाद लोग
शांत हुए। धार्मिक स्थल से जुड़े धर्मेंद्र कुमार यूसुफ की ओर से तोड़फोड़
और साजिश रचने के मामले में कैंट थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बयान-
छावनी क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल को तोड़ने के मामले की
जांच की जा रही है। घटना के लिए दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कानून-व्यवस्था के मद्देनजर धार्मिक स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। -
प्रांजल यादव, डीएम