जिला न्यायालयों में लंबित मामलों में 3429 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। इनसे संबंधित जुर्माना एवं समाधान राशि 10 करोड़ 47 लाख 23 हजार 500 रुपये रही। वहीं, राजस्व न्यायालयों, अन्य न्यायालयों और विभागों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन के 85884 मामलों का निस्तारण किया गया।
इनमें 19 करोड़ 9 लाख 57 हजार 207 रुपये की समाधान राशि रही। इसके अलावा निजी एवं सार्वजनिक बैंकों के 492 मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें 2 करोड़ 56 लाख 78 हजार 827 रुपये की समाधान राशि रही। इस प्रकार न्यायालय, राजस्व विभाग और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े मामलों को मिलाकर लोक अदालत में कुल 89,805 प्रकरण निस्तारित किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के क्रम में 9 से 11 सितंबर तक आयोजित विशेष लोक अदालत में लघु अपराधों के 51 मामलों का भी निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल ने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निस्तारण आपसी सुलह और समझौते के आधार पर किया गया। इससे पक्षकारों को समय और धन की बचत के साथ लंबे मुकदमों से राहत मिली।