ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही महिलाओं के इलाज में कार्बोप्लेटिन बेस कीमोथेरेपी कारगर होगी। एक ओर जहां इसके लिए मरीजों को महज एक हजार रुपये देने होंगे, वहीं इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है। टाटा मेमोरियल की ओर से हाल ही में इस थेरेपी को लेकर किए गए अध्ययन में सफल परिणाम सामने आया है। टाटा मेमोरियल सेंटर के निदेशक डॉ. राजेंद्र ए बडवे ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 700 मरीजों पर इसका अध्ययन किया गया। इसमें मरीजों पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिला।
महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. बडवे ने कहा कि अध्ययन के लिए 2010-2020 तक दूसरे और तीसरे स्टेज की ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर वाली महिलाओं को नामांकित किया गया। दो समूहों में ऐसी महिलाओं को बांटा गया जिसमें दोनों ने सर्जरी से पहले बीमारी को कम करने के लिए कीमोथेरेपी ली थी। बताया कि पहले सेकेंड लाइन कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाती थी लेकिन इस अध्ययन में फर्स्ट स्टेज वालों को कीमोथेरेपी दी गई है। पाया कि यह प्रक्रिया राहत देने वाली है। विशेषकर 50 साल से कम उम्र की महिलाओं को अध्ययन में शामिल किया गया। डॉ. बडवे ने बताया कि एक अन्य अध्ययन में कैंसर मरीजों को इलाज के साथ-साथ योगा भी कराया गया। जिसमें देखा गया कि योग, व्यायाम भी इस बीमारी पर नियंत्रण में बहुत प्रभावी है। इस अध्ययन में योग सलाहकारों, चिकित्सकों के साथ-साथ फिजियोथेरेपिस्ट के इनपुट को भी शामिल किया गया। बताया कि डॉ. नीता राय को अमेरिका में होने वाले स्तन कैंसर सम्मेलन में एक सैन एंटेनियों स्तन कैंसर संगोष्ठी में स्पॉट लाइट प्रस्तुति का मौका मिला था। इसमें उन्होंने योग पर हुए अध्ययन के परिणाम पर पेपर प्रस्तुत किया था।