वाराणसी। गंगा में नाव पर बिरयानी खाकर गंदगी फेंकने वाले 8 आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर होने के बाद सोमवार को जिला अदालत ने जमानतदार और बंधपत्र देने के बाद रिहा करने का आदेश जिला जेल अधीक्षक को दिया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि गंगा में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने नाव पर बैठकर चिकन बिरयानी खाई और अवशेष गंगा में फेंक दिया। कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद आजाद अली, मोहम्मद तहसीम, निहाल अफरीदी, मोहम्मद तौसीफ अहमद और मोहम्मद अनस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। जिला अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपियों ने अधिवक्ता से उच्च न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद मंजूर कर लिया था। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इफ्तार पार्टी के आयोजन, वीडियो अपलोड करने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए उसका इस्तेमाल करने के बारे में है। जिसकी जांच को रोका नहीं जा सकता और आवेदकों को जेल में और हिरासत में रखे बिना यह जांच जारी रखी जा सकती है। आरोपी 17 मार्च 2026 से जेल में हैं, उन्होंने खेद जताया है और भविष्य में ऐसा कोई काम दोबारा न करने का वादा भी किया है। ऐसे में उन्हें जमानत पर रिहा किया जाना न्यायोचित है। ब्यूरो