बीएचयू परिसर स्थित एक अधिकारी के 30 वर्षीय बेटे ने कोरोना टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराया। आरोग्य सेतु एप पर पंजीकरण के बाद शहरी क्षेत्र के केंद्र तो नहीं मिले लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजी लाइन में टीकाकरण का समय मिला। मजबूरन 25 से 30 किलोमीटर पहुंचकर टीका लगवाना पड़ा।
केस दो
सामने घाट स्थित 28 वर्षीय युवक ने भी कोरोना टीके के लिए पंजीकरण करना चाहा। पहले तो समय और केंद्र का पता नहीं चल पाया था। जब पंजीकरण हुआ तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी बाजार का पंजीकरण हुआ और वहां पहुंचकर किसी तरह टीका लगवाया।
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। जिले में कोरोना टीकाकरण को लेकर दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालत यह है कि शहर में रहने वाले पंजीकरण तो किसी तरह करा ले रहे हैं लेकिन उन्हें ग्रामीण क्षेत्र के केंद्र मिल रहे हैं। ऐसे में लोग 30 किलोमीटर दूर जाकर टीका लगवाने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 से 44 साल तक लोगों के लिए 1 मई से टीकाकरण की शुरुआत हुई है। नियमानुसार एप पर पंजीकरण जरूरी है। इधर कोविन और आरोग्य सेतु एप पर युवा अपना पंजीकरण करा रहे हैं तो केवल तिथि, समय ही नहीं बल्कि अब केंद्र मिलने का भी संकट हो गया है। शहरी इलाकों में केंद्र न होने की वजह से ग्रामीण इलाकों में जाकर टीका लगवाना पड़ रहा है। शहर में केवल जिला महिला अस्पताल और सीएचसी चौकाघाट का केंद्र पंजीकरण के समय दिख रहा है। कोई आराजी लाइन तो किसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी बाजार जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं।
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ईएसआईसी, महिला अस्पताल में वैक्सीन खत्म, हंगामा
वाराणसी। पांडेयपुर स्थित ईएसआईसी हॉस्पिटल में शुक्रवार को टीका लगवाने पहुंचे लोगों को इंतजार करना पड़ा। वैक्सीन खत्म होने के विरोध में लोगों ने जमकर हंगामा किया। यहां किसी तरह पंजीकरण कराने के बाद जब लोग टीका लगवाने पहुंचे तो उन्हें वैक्सीन नहीं होने की जानकारी दी गई। उनका कहना था कि जब पंजीकरण करा लिया तो टीका क्यों नहीं लग रहा है यह समझ से परे है। लोगों ने बताया कि पूछने पर केवल 50 लोगों को ही टीका लग सका। इसी तरह की समस्या जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में भी रही। यहां भी लोग टीकाकरण के लिए परेशान रहे। लोगों को पंजीकरण के बाद भी लौटना पड़ा।